“राज करेगा राजपूत” आईएनएस राजपूत अपने गौरवशाली 41 वर्ष पूर्ण करने के बाद दिनाँक 21/05/2021 को रिटायर हुआ।
आज दिनाँक 21 मई 2021 दिन शुक्रवार को देश का प्रथम विध्वंसक युद्ध पोत आईएनएस–राजपूत-D 51, 41 वर्ष की सेवा पूर्ण कर भारतीय नौसेना से रिटायर हो जाएगा।राजपूत सीरीज के आईएनएस-राणा डी 52 और आईएनएस-रणजीत-53 ही अब नौसेना को अपनी सेवा देंगे इसके पहले राजपूत श्रेणी के दो अन्य विध्वंसक पोत सेवामुक्त हो चुके है।आईएनएस- राजपूत नौसेना के दक्षिणी एवं पश्चिमी के दोनों बेड़ो में अपनी सेवा दे चुका है।
परिचय-
आईएनएस-राजपूत D-51 मुख्य रूप से रूस मूल का विध्वंसक पोत है। इसका मूल नाम नादेजनी था जिसका सामान्य अर्थ “उम्मीद” होता है।भारतीय नौसेना का पहला युद्ध पोत जिसे राजपूत रेजिमेंट के नाम से रखा गया है।
आईएनएस राजपूत का निर्माण— आईएनएस राजपूत का निर्माण यूक्रेन में किया गया था।इसका निर्माण कार्य वर्ष सितम्बर1976 में शुरू किया गया तथा वर्ष 1977 में इसे विमोचन किया गया था।
नौसेना में शामिल किया गया—
30 सितम्बर 1980 को गुलाब मोहनलाल हीरानंदानी के कमाडिंग में भारतीय नौसेना में आईएनएस राजपूत के नाम से सम्मिलित किया गया। इसके पहले कमांडिग ऑफिसर भी गुलाब मोहनलाल हीरानंदानी बने।
आदर्श वाक्य— राज करेगा राजपूत
महत्त्वपूर्ण तथ्य–
आईएनएस राजपूत भारतीय नौसेना का प्रथम विध्वंसक पोत था।
ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का परीक्षण भी राजपूत में ही किया था।
मार्च 2007 में पृथ्वी-3 मिसाइल का परीक्षण भी राजपूत में किया गया था।
आईएनएस राजपूत एन्टी-विमान और एन्टी-पनडुब्बी मिसाइल लांच करने में सक्षम था।
आईएनएस राजपूत एन्टी सबमरीन,एन्टी एयरक्राफ्ट हमले करने में भी सक्षम था।
इसकी लम्बाई 147 मी.चौड़ाई 15.8 मी. इसका कुल भार 4974 टन है।इसकी चाल 35 नॉट(68 कि. मी./घंटा)
आईएनएस राजपूत के प्रमुख मिशन–
ऑपरेशन कैक्टस– सन 1988 में मालदीव में तत्कालीन राष्ट्रपति मामून आयूब गययुम के तख्तापलट को रोकने के लिए भारतीय सेना द्वारा चलाया गया ऑपरेशन था। इस ऑपरेशन में आईएनएस राजपूत ने बंधकों को छुड़ाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी
ऑपरेशन अमन–
भारतीय शांति रक्षकों के बचाव के लिए श्रीलंका में चलाया गया ऑपरेशन में आईएनएस राजपूत ने हिस्सा लिया था।
ऑपरेशन पवन–
श्रीलंका में शांति स्थापना करने के लिए भारतीय सेना ड्यूटी कर रहे थे । इसी दौरान आईएनएस राजपूत समुद्री तट पर पेट्रोलिंग का जिम्मा संभाले हुए था।
ऑपरेशन क्रॉसनेस्ट–
लक्षद्वीप में चलाया गया ऑपरेशन क्रोसनेस्ट में आईएनएस राजपूत ने हिस्सा लिया था।
आईएनएस राजपूत द्वारा कई प्रकार के द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय युद्ध अभ्यासों में हिस्सा लेना इसकी गौरवपूर्ण 41 वर्षों का प्रमाण है।
आईएनएस राजपूत अपने आदर्श वाक्य राज करेगा राजपूत सार्थक करके अन्ततः दिनाँक 21/05/2021 को रिटायर हुआ ।
आईएनएस राजपूत की विदाई–
41 वर्ष के अपने गौरवपूर्ण सेवा के उपरांत आईएनएस राजपूत दिनाँक 21/05/2021 को सेवानिवृत्त किया गया।कोरोना काल के कारण नौसेना डॉकयार्ड विशाखापत्तनम में सादे समारोह में जिसमें कुछ अधिकारी एवं नाविकों के समक्ष सेवानिवृत्त किया गया।
PR CLASSES BALODA
PRAVIN PRADHAN